रायपुर। रायपुर में मानसून की दस्तक से पहले रायपुर के समीप खारुन नदी के तट पर स्थित पाटन क्षेत्र का ‘ठकुराइन टोला’ गांव एक अनोखी प्राकृतिक हलचल का केंद्र बन गया है। हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर आए प्रवासी ‘एशियन ओपनबिल स्टॉर्क’ पक्षियों ने इस गांव को अपना अस्थायी आशियाना बना लिया है। मई-जून के महीने में इन मेहमानों का पहुंचना अब गांव की पहचान और मानसून के आगमन का शुभ संकेत बन चुका है। ये पक्षी केवल ठहरने के लिए नहीं, बल्कि प्रजनन के लिए ठकुराइन टोला को चुनते हैं।
पांच से छह महीनों के लिए बनाया ठिकाना
गांव के पेड़ों पर स्थित घोंसलों में ये अंडे देते हैं और अगले पांच से छह महीनों तक अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओपनबिल स्टॉर्क को वंश वृद्धि के लिए जल स्रोतों, सुरक्षित ऊंचे पेड़ों और भोजन की प्रचुरता की आवश्यकता होती है। खारुन नदी का किनारा इन सभी जरूरतों को बखूबी पूरा करता है। बरसात के दौरान नदी और आसपास के जलग्रस्त इलाकों में मिलने वाले घोंघे और अन्य जलीय जीव इनके लिए मुख्य आहार बनते हैं।