नई दिल्ली। लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ की शुरुआत की गई।दरअसल, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ का उद्घाटन किया। यह आयुष मंत्रालय की अपनी तरह की पहली कार्यस्थल पहल है, जिसका उद्देश्य ‘आयुष आहार’ से प्रेरित स्वस्थ आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देना है।
इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “प्रकृति कैफे न सिर्फ़ स्वास्थ्य देखभाल के जरिए, बल्कि रोजमर्रा के स्वस्थ विकल्पों के माध्यम से भी आरोग्य को बढ़ावा देने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। भोजन हमारे स्वास्थ्य का एक अहम हिस्सा है और पौष्टिक भोजन अपने आप में अच्छे स्वास्थ्य के लिए पोषण और शक्ति देने का काम कर सकता है। ‘आयुष आहार’ जैसी पहलों के माध्यम से, हम पौष्टिक और संतुलित खान-पान के प्रति अधिक जागरूकता लाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज हमारे खान-पान की आदतें बदल रही हैं। जंक फूड का बढ़ता चलन सेहत पर बुरा असर डाल रहा है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा रहा है। हमें विशेष रूप से युवाओं में ऐसी अस्वस्थ आदतों से जुड़े खतरों को समझना होगा और स्वस्थ विकल्पों को अपनाना होगा। ‘प्रकृति कैफे’ एक ऐसी जगह होगी जहां लोग किफायती दामों पर आयुष-प्रेरित पौष्टिक भोजन के साथ स्वस्थ जीवनशैली के मूल्यों को अपना सकेंगे।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के तौर पर सोच-समझकर खान-पान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “प्रकृति कैफे का मकसद आयुष के सिद्धांतों को रोजमर्रा की ज़िंदगी में अपनाना है। स्वस्थ जीवनशैली आसान और लगातार किए जाने वाले सही फैसलों से बनती है और सोच-समझकर खाना इस सफर का एक अहम हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि प्रकृति कैफे एक ऐसी जगह बनेगी जो स्वस्थ खान-पान की आदतों, आपसी मेलजोल और पौष्टिक आहार से जुड़ी भारत की समृद्ध परंपराओं को बढ़ावा देगी।”
यह कैफे ‘आयुष आहार’ पहल से प्रेरित ताजा और पौष्टिक खाने के कई विकल्प देता है। इस पहल का मकसद भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित पौष्टिक खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है। साथ ही, इसका उद्देश्य एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के लिए भोजन और पोषण के महत्व के बारे में ज़्यादा जागरूकता पैदा करना भी है।
कैफे की व्यंजन-सूची में कई तरह के पौष्टिक व्यंजन शामिल हैं, जैसे चुकंदर और ओट्स कटलेट, कोसम्बरी, मिलेट ढोकला, खांडवी, ओट्स पोहा, कुटकी, (लिटिल मिलेट) वेजिटेबल उपमा और गुड़ से बनी मखाना खीर। इसके साथ ही ताज़ा नारियल पानी और हर्बल पेय जैसे कि तुलसी-अदरक चाय और ग्रीन टी के विकल्प भी उपलब्ध हैं। ये व्यंजन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में संतुलित, सेहतमंद और पौष्टिक खाने को बढ़ावा देकर ‘आयुष आहार’ के सिद्धांतों को दर्शाते हैं।
उद्घाटन समारोह में आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ‘प्रकृति कैफे’ का शुभारंभ निवारक स्वास्थ्य सेवा के समकालीन दृष्टिकोण के साथ आयुष के सिद्धांतों को जोड़कर स्वास्थ्य, आरोग्य और जागरुक जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देने के मंत्रालय के प्रयासों में एक और कदम है।