मुंबई में ‘भारत टैक्सी’ की एंट्री, पीयूष गोयल ने चालक ऑनबोर्डिंग पहल की शुरुआत की

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और मुंबई उत्तर से सांसद पीयूष गोयल ने 23 अप्रैल, 2026 को मुंबई में ‘भारत टैक्सी’ चालक ऑनबोर्डिंग पहल का उद्घाटन किया। कांदिवली पश्चिम स्थित कमला विहार स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा और कैब चालक, परिवहन यूनियन प्रतिनिधि और सहकारी संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य चालकों को संरचित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ना है, जिससे उनकी भागीदारी बढ़े, पारदर्शिता में सुधार हो और बेहतर आय के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम को शहरी गतिशीलता को मजबूत करने और चालक कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का गतिशीलता तंत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें सहकारी तथा तकनीक आधारित मॉडल की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ चालकों को भागीदार के रूप में जुड़ने का अवसर देती है और उन्हें ऐसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराती है, जो उनकी आय और कार्य स्थितियों में सुधार ला सकते हैं।
यह ऑनबोर्डिंग अभियान देश के प्रमुख शहरों में चालक-केंद्रित गतिशीलता प्रणालियों को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। मुंबई अब उन शहरों के नेटवर्क में शामिल हो गया है, जहां यह सेवा पहले से सक्रिय है, जिनमें दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, चंडीगढ़ और लखनऊ शामिल हैं।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ प्लेटफॉर्म से 5.17 लाख से अधिक चालक जुड़ चुके हैं और 50 लाख से ज्यादा ग्राहक ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। विभिन्न शहरों में हर महीने करीब 10 लाख राइड्स संचालित की जा रही हैं, जो इसके तेजी से बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
भारत टैक्सी के मुख्य परिचालन अधिकारी विवेक पांडेय ने कहा कि मुंबई एक उच्च संभावनाओं वाला बाजार है। स्थानीय चालक यूनियनों से मिल रहे सहयोग से शहर में मजबूत चालक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का भरोसा और बढ़ा है।
यह विस्तार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत अगले तीन वर्षों में ‘भारत टैक्सी’ को देश के सभी प्रमुख शहरों तक पहुंचाने की योजना है। मुंबई इस राष्ट्रीय रोडमैप का एक अहम पड़ाव बनकर उभरा है।
यह पहल महानगरों में चालकों और यात्रियों की बदलती जरूरतों के अनुरूप एक समावेशी, पारदर्शी और तकनीक आधारित शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।