राज्यपाल से मिले असम के शास्त्रीय नृत्य कलाकार, डेका ने किया राजकीय गमछा व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से सोमवार को लोकभवन में असम के वैष्णव एवं सत्रिया (शास्त्रीय नृत्य) कलाकारों ने सौजन्य भेंट की। इन कलाकारों ने स्पीक मैके संस्था के माध्यम से राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रस्तुत की जा रही असम की शास्त्रीय एवं वैष्णव सांस्कृतिक परंपरा की गतिविधियों की जानकारी दी।
भेंट के दौरान कलाकारों ने छत्तीसगढ़ और असम के बीच दर्शन कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में परस्पर सहयोग एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक सशक्त बनाने पर चर्चा की। उन्होंने पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में असम के महान संत एवं समाज सुधारक एवं एकशरण वैष्णव परंपरा के प्रवर्तक श्रीमंत शंकरदेव के नाम पर स्थापित शोधपीठ के माध्यम से संयुक्त रूप से विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियो को बढ़ावा देने की पहल की।
राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ और असम की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के आदान-प्रदान से नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने सभी कलाकारों को राजकीय गमछा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। भेंट के दौरान स्पीक मैके के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के डॉ. अजय श्रीवास्तव, वी.के गोंविद मुद्लियार, असम के कलाकार डॉ. जदाब बोरा, उपेन बोरगायन, कृष्णकांत दास और उषारानी बैश्य भी उपस्थित थी।