छत्तीसगढ़ में राशन वितरण के नियम बदले, अब नए तरीके से मिलेगा अनाज

रायपुर। उचित मूल्य की दुकानों से राशन के लिए अब ओटीपी जरूरी नहीं होगा। सिर्फ बायोमेट्रिक के माध्यम से ही हितग्राहियों को अनाज मिल जाएगा। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस संबंध में नया आदेश भी जारी कर दिया है। सभी जिलों को इस संबंध में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय नवा रायपुर ने आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही शनिवार को कलेक्ट्रेट के रेडक्रास सभाकक्ष में सभी राशन दुकान संचालकों के साथ बैठक करके जानकारी भी दी गई।
बैठक में खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उचित मूल्य दुकानों में ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के अंतर्गत सर्वप्रथम आधार प्रमाणीकरण से ही खाद्यान्न वितरण किए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। क्योंकि ओटीपी से राशन देने पर काफी गड़बड़ी होने की शिकायत मिल रही थी। जिसके तहत यह नया नियम लागू किया गया है।
इस तरह के दिए गए निर्देश
ऐसे राशनकार्ड जिनके परिवार के मुखिया एवं सदस्यों की ईकेवायसी पूरी हो चुकी है उन राशनकार्डों में आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के माध्यम से ही खाद्यान्न दिया जाए।
नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न लेने वाले राशनकार्डों में भी नॉमिनी के आधार प्रमाणीकरण से अनाज दिया जाए।
राशनकार्ड जिसमें सभी सदस्यों की आयु 60 वर्ष से अधिक अथवा 10 वर्ष से कम है। एकल निराश्रित राशनकार्ड, निशक्तजन राशनकार्ड (जिनमें नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न उठाव नहीं हो रहा है) को ही ई-पॉस मशीन में आधार प्रमाणीकरण प्रयास विफल होने पर विशेष परिस्थितियों में मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से अनाज दिया जाए।
आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान वितरण असफल होने की स्थिति में दुकान संचालक द्वारा ऐसे हितग्राहियों की जानकारी तत्काल संबंधित क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक एवं तकनीकी टीम को दी जाए, ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके।