नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात के ओपेक से बाहर होने के संभावित असर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन ऐसे समय में भारत के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मजबूती हासिल करना होना चाहिए। यह बात सागर अदानी ने कही।
The Economist Impact Resilient Futures Summit के दौरान मीडिया से बातचीत में सागर अडानी ने कहा कि आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा कि यूएई का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर करेगा या स्थिरता लाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, जिससे भारत के दृष्टिकोण से यह स्थिति सकारात्मक साबित हो सकती है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के लिए “एनर्जी रेजिलिएंस” यानी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना ही सबसे बड़ा समाधान है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Strait of Hormuz में बाधाओं के संदर्भ में उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण स्थिति बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत ने इस संकट का प्रभावी तरीके से प्रबंधन किया है और आम लोगों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ने दिया है।
सागर अडानी ने बताया कि दीर्घकालिक समाधान के तौर पर भारत को अपने ऊर्जा ढांचे को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अडानी समूह देश में ऊर्जा परिवर्तन के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और थर्मल पावर जैसे क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नीतियों के समर्थन से देश में 50 गीगावाट से अधिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ी गई है, जबकि भारत ने पहली बार 55 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का आंकड़ा पार किया है।
कंपनी की परियोजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि Adani Green Energy गुजरात के खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन रिन्यूएबल एनर्जी परियोजना विकसित कर रही है। यह परियोजना 30,000 मेगावाट क्षमता की होगी और लगभग 580 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली होगी।
उन्होंने बताया कि कंपनी की मौजूदा ग्रीन एनर्जी क्षमता करीब 20,000 मेगावाट है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। अंत में उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच मजबूत भूमिका निभाई है और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाल रहा है।