टीएमसी राज में जनता परेशान, अब बदलाव का समय: अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सामने आए अधिकांश बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कहीं न कहीं टीएमसी नेताओं की भूमिका रही है।
बीरभूम जिले के बोलपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि “कैश-फॉर-क्वेरी से लेकर कैश-फॉर-जॉब, मवेशी तस्करी से लेकर कोयला तस्करी और पीडीएस घोटाले से लेकर अवैध जमीन कब्जाने तक—हर जगह टीएमसी नेताओं के निशान मिलते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार एक संगठित व्यवस्था बन चुका है।
अमित शाह ने कहा कि इस कथित कुशासन से राज्य की जनता परेशान हो चुकी है और अब विधानसभा चुनाव में बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता टीएमसी को जवाब देगी।
भाषण के दौरान उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि “हम उस व्यवस्था को खत्म करेंगे, जिसमें कुछ लोग एक साथ चार-चार शादियां करते हैं।”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह शर्म की बात है कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है।
गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो महिलाएं रात 1 बजे भी सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकेंगी। उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कासबा लॉ कॉलेज और दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज जैसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
अमित शाह ने चेतावनी दी कि यदि टीएमसी के असामाजिक तत्व 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में बाधा डालने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “उन्हें सलाह है कि मतदान के दिन घर में ही रहें, नहीं तो 5 मई के बाद उन्हें ढूंढ-ढूंढकर जेल भेजा जाएगा।”