
रायपुर, 23 मार्च 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर वैकल्पिक एवं लाभकारी आजीविका अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भीतघरा के किसान जनक यादव ने मछली पालन अपनाकर सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है।
किसान जनक यादव ने परंपरागत धान की खेती के स्थान पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेकर अपने खेत में दो तालाबों का निर्माण कराया। इसके लिए उन्हें शासन से 4 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। साथ ही मत्स्य पालन विभाग द्वारा मत्स्य बीज, जाल एवं आइस बॉक्स जैसी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने आधुनिक पॉन्ड लाइनर तकनीक को अपनाकर मछली पालन शुरू किया, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसान का कहना है कि धान की खेती की तुलना में मछली पालन में अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है, क्योंकि इसमें वर्षभर उत्पादन संभव है, जबकि धान में केवल एक फसल ही ली जा सकती है।
जनक यादव पिछले तीन-चार वर्षों से मछली पालन कर रहे हैं और इससे उन्हें निरंतर आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने इस कार्य में अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे ग्रामीण स्तर पर आजीविका के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने बताया कि पॉन्ड लाइनर तकनीक से तालाब में पानी का स्तर बनाए रखना आसान होता है। आवश्यकता पड़ने पर पंप के माध्यम से पानी भरकर संतुलन बनाए रखा जा सकता है। इसके अलावा ऑक्सीजन युक्त प्रणाली से मछलियों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित होती है।
किसान जनक यादव ने अन्य किसानों से अपील की है कि वे भी मछली पालन जैसे वैकल्पिक व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन के लिए मार्च, अक्टूबर और नवंबर उपयुक्त समय होता है, जिससे बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
किसान जनक यादव की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी उपयोग से किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। उनकी पहल अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभर रही है।