
नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात से चला भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ बुधवार को भारत पहुंच गया। इसने मुंद्रा पोर्ट पर सफलतापूर्वक डॉक किया, जो देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाहों में से एक है।
इस टैंकर में संयुक्त अरब अमीरात से लाया गया करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जिसे फुजैराह बंदरगाह पर लोड किया गया था। करीब 274.19 मीटर लंबा और 50.04 मीटर चौड़ा यह विशाल टैंकर लगभग 1.64 लाख टन डेडवेट क्षमता रखता है, जो बड़े पैमाने पर तेल परिवहन की क्षमता को दर्शाता है।
फुजैराह बंदरगाह की खासियत यह है कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है। मौजूदा समय में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का आवागमन इसी रास्ते से होता है।
अदाणी पोर्ट्स द्वारा संचालित मुंद्रा पोर्ट पर ‘जग लाडकी’ का आगमन यह दर्शाता है कि यह पोर्ट बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के आयात को संभालने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह शिपमेंट देश की प्रमुख रिफाइनरियों के संचालन को बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मददगार साबित होगा।
वैश्विक तनाव और सप्लाई चेन में अनिश्चितता के बीच यह डिलीवरी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन की आपूर्ति बाधित न हो।
इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के दो एलपीजी से लदे जहाज भी भारत पहुंच चुके हैं। ‘शिवालिक’ ने मुंद्रा पोर्ट पर डॉक किया था, जबकि ‘नंदा देवी’ ने वडीनार पोर्ट पर लंगर डाला। वडीनार पोर्ट दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण का हिस्सा है और कच्छ की खाड़ी के पास स्थित एक प्रमुख ऑफ-शोर ऑयल टर्मिनल है। दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 92,700 टन एलपीजी थी, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक है।
अदाणी पोर्ट्स ने ‘जग लाडकी’ को सुरक्षित रूप से लंगर डालने में महत्वपूर्ण समुद्री समन्वय सुनिश्चित किया। यह ऑपरेशन भारत की महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति लाइनों की सुरक्षा और सुचारू संचालन को दर्शाता है।